सर्व रोग

आज में साधक मित्रो के लिए एक ऐसा मंत्र लेकर आया हु जिसकी सिद्धि करके आप हर कार्य आसानी से कर सकते हो ये मंत्र षट कर्म कर सक्ता हे इस मंत्र की सिद्धि से आप वशीकरण मारण उच्चात्तन विद्वेषण शान्तिकरण मोहन ये सब कार्य कर सकते हो, ये मंत्र हनुमानजी का शक्तिशाली शाबर मंत्र हे और बहुत ही तीव्र मंत्र हे,इस मंत्र को सर्व रोग सर्व व्याधि निवारक हनुमान शाबर मंत्र भी कहते हे,

तो चलिए विस्तार से जानते हे सर्व रोग सर्व व्याधि निवारक शाबर मंत्र को कैसे सिद्ध करते हे और उसका विधि विधान क्या हे उसके बारे में विस्तार से चर्चा करते हे,

सर्व रोग

मंत्र

ॐ नमो हनुमते, प्रकट-पराक्रमाय !  कृती दिग-

मण्डल यशोऽमिता  ।  धवलो कृत  जग त्रीवो । आप बच सहावतार ।

लङ्कापुरी दाहन, उदधि-जनन ।  वायुपुर, अजनी गर्भ सम्भूतं ।

कुमार,  ब्रह्म चार्ज,   गम्भीर  शब्द  सब  रोग ग्रहरणम्, सर्व व्यधि

विनाशनम् ।   भूत प्रेत पिशाच,   यन्न  गन्धर्व डाकिनो  शाकिनी, मरीम,

सान,  भैरवी  काली  महाकाली  रेवती  वृद्धि  रेवतो । एकाहिके, द्वाहिक

प्राहिक, पञ्चाहिक, पष्ठाहिक, साप्ताहिक, अष्टाहिकं वपु जैतिक,

कोलिका    दि-दोष,   मारण   मोहन  उच्चाटन-बगोकरण आकर्षण स्तम्भन

विभावनानि प्रबल सर्व पापानि हन हन, मब मय, पच पच, हठ हठ,

ऐहि ऐहि, बात ज्वर, प्रेत ज्वर, श्लेष्म ज्यर, मन्द गर, इन्दुज पर,

साप ज्वर, महा महेश्वर ज्यर, नारसिंह ज्वर, भूत पर, कोल कोती.

पार, आगन्तुक ज्वर, ब्रह्म गर, नील धर, सब  पर छिन्ध छिन्धि,

भिन्धि भिन्धि, मारय मारय मारप,  नाराय नाराय, प्रहारय प्रहारय,

आरोग्यं कुरु कुरु, हन हन, फट् स्वाहा ।

साधना:-

उपर्युक्त मंत्र  को रविवार के दिन रात ११  बजे ५१ माला कर सिद्ध कर ले,मंत्र सिद्ध हो जाने के  बाद ये मंत्र हर कार्य को कर सकता हे।इस मंत्र की सिद्धि आप ग्रहण काल में और नरक चतुर्दशी के दिन भी कर सकते हो,

प्रयोग

आपको जब मंत्र सिद्धि हो जाए तब आपको जो भी कार्य करना हो मन में दृढ संकल्प लेकर और इस मंत्र का २१ बार जाप करके उस कार्य को करे वो कार्य सिद्ध हो जायेगा,

इस तरह साधक सर्व रोग सर्व व्याधि निवारक हनुमान शाबर मंत्र का प्रयोग करके हर कार्य आसानी से कर सकता हे.

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