किसी भी व्यक्ति को रात में दुःस्वप्न यानि की ख़राब सपने आते हो तो वो अच्छी बात नहीं हे अगर किसीको बार बार सपने में भयानक चित्र दिखाई दे या ख़राब सपने आये तो उसको हमारे दिए गई मंत्र का जाप करना चाहिए,में आपके लिए दुःस्वप्न दोष निवारण मंत्र लेकर आया हु जिसका प्रयोग करके आप ख़राब स्वप्न आने से बच सकते हो,

तो चलिए विस्तार से जानते हे दुःस्वप्न दोष निवारण मंत्र का प्रयोग कैसे करे और उसका क्या विधि विधान हे उसके बारे में विस्तार से चर्चा करते हे.

दुःस्वप्न या बुरे स्वप्नों के दोष को निवारित करने के लिए निम्नलिखित मंत्र का जाप किया जा सकता है:

ॐ क्लीं ह्रीं श्रीं दुःस्वप्न दोष नाशाय नमः॥

मंत्र को सुबह उठते ही अपने नियमित पूजा स्थान पर बैठकर रोज़ाना १०८ बार जपें। जप के दौरान दुःस्वप्नों के नाश का निश्चय करें और मन में शुभ स्वप्नों की कल्पना करें।

इसके साथ ही नियमित रूप से रात्रि को सोते समय भी मंत्र का १०८ बार जाप करें और उचित संख्या में दुःस्वप्नों के दोष से बचने की कामना करें।

मंत्र का नियमित जाप करने से आपको स्वप्नों के बुरे प्रभाव से राहत मिल सकती है। हालांकि, बेहतर होगा कि आप इस मंत्र का उपयोग करने से पहले एक योग्य गुरु या पंडित से परामर्श लें, क्योंकि उनका मार्गदर्शन और आपके स्वप्नों के प्रभाव की गहराई को समझने के लिए आपकी सहायता कर सकता है।

दुःस्वप्न दोष

मंत्र

ॐ अच्युतं केशवं विष्णुं हरिं सत्यं जनार्दनम् ।

हंसं नारायणं चैव ह्येतन्नामाष्टकं शुभम् ॥

शुचि: पूर्व मुख: प्राज्ञो दशकृत्वश्चयो जपेत् ।

निष्पापोऽपि भवेत्सोऽपि दुःस्वप्नःशुभवान्भवेत् ॥

अच्युत, केशव, विष्णु, हरि, सत्य जनार्दन, हंस

और नारायण ।

दुःस्वप्न दोष निवारण के लिए उपर्युक्त मंत्र सोने से पहले ७ बार पढ़कर फिर आपको सो जाना हे दुःस्वप्न यानि की खराब सपने आने बंध हो जायेंगे,

इस तरह साधक दुःस्वप्न दोष निवारण मंत्र का प्रयोग करके ख़राब सपने आने से बच सकता हे.

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