ये मंत्र हडकाई मेलडी का महामंत्र हे इससे साधक किसी भी तंत्र का काट कर सकता हे,चाहे कैसी भी महेली शक्ति हो पर इस मंत्र की सिद्धि से साधक उसका काट आसानी से कर सकता हे, हडकाई मेलडी महामंत्र साधना करना कोई आसांन बात नहीं हे जिसके पास कोई तांत्रिक सिद्धि हे वो ही इस साधना को सम्पूर्ण कर सकता हे,

अगर कोई नया तांत्रिक जिसके पास कोई सिद्धि नहीं हे वो किसी तांत्रिक या अघोरी के मार्गदर्शन में या उसके सानिध्य में ये साधना को सम्पन्न कर सकता हे,

जो तांत्रिक या बड़ा अघोरी हर तंत्र करता हे उसके पास ऐसी सिद्धि होती हे पर वो किसीको नहीं देते,आज हम यहाँ जो विधि विधान डालेंगे उसका अनुसरण करके साधक तगड़ी सिद्धि प्राप्त कर सकता हे,

इस पोस्ट में हम विस्तार से जानेंगे की हडकाई मेलडी महामंत्र साधना  कैसे होती हे और उसका विधि विधान क्या हे इसके बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे.

हडकाई मेलडी महामंत्र साधना

मंत्र

हडकाई मेलडी हाली जाई राजा प्रजा लागे पाई,

लागे नी पोख जरे तो ८४ वीर सायबी भरे,

मेमदा नि मुंडी फोडू एक लाख ऐस्सी हजार पीरने पाई लगाडू,

वेरी दुश्मन नी चोकी तोडू,काल भैरव ना कालजा खावु, सवा सो जोजन ऐकली जाव,

जोपडी वालू,जोड़ी जोपडी वालू,अढी आखरी मेलडी वालू,सारी सिकोतेर वालू,कोटडीयो वालू,सडकियो वालू,

गड़ीयो वालू, गुमडीयो वालू,रावो वालू,रगतीयो वालू,

पाचआखरियो वालू,जिन वालू,जिन्नात वालू,मुंगी वालू,गूंगी वालू,गणेश वालू,खिमडीयो वालू,मडा मसान का वीर वालू, खंजा मसानी जोपडी वालू,अमारा वाल्या पाछा फरे तो सूरज चंदा नी आज्ञा फरे,

कातनीयो वीर,कामठियो वीर,घरवडीयो वीर,सुन्घनियो वीर,

चार वीर ने आकाशी भैरव साथै लव,अमारी वाणीं पाछी फरे तो हडकाई मेलडी आकाशी भैरवनी,चार वीर नी दुहाई फरे,मेरी भक्ति गुरु की शक्ति फलो मंत्र इश्वरी वाचा सद्गुरु का मंत्र साचा!!

विधि

उपर्युक्त मंत्र को सिद्ध करने के लिए साधक को ४५ दिन तक इसकी साधना करनी पड़ेगी,साधना रविवार या मंगलवार से शुरू कर सकते हे,ये साधना साधक एकांत कमरे कर सकता हे पर ध्यान ये रहे की उस कमरे में किसी का आनाजाना नहीं होना चाहिए,साधना के दरमियान ब्रह्मचर्य का पालन करना जरुरी हे,

साधना रात १० बजे के बाद शुरू करनी हे और आसन कम्बल का रखना हे,लाल चन्दन की माला से उपर्युकत मंत्र की ३ माला करना हे,ये विधि लगातार ४५ दिन तक शुरू ही रखे साधना बिच में खंडित नहीं होनी चाहिए,साधना के दरमियान साधक माता को मंगलवार के दिन भोग भी दे सकता हे भोग में आपको सात्विक भोग लगाना हे इसमें आप घी और गुड से बनी चीज़ लगा सकते हे और सात किसम की मिठाई का भी भोग दे सकते हो ज्यादातर माता मेलडी को बकरे की कलेजी और दारू का भोग लगता हे पर ये विधि विधान घर में न करे तो भी चलेगा,

साधना में ध्यान रखने के कुछ नियम

  • साधक को ब्रह्मचर्य का पालन करना आवश्यक हे.
  • साधना के दरमियान एक टाइम ही भोजन करे
  • साधना के दरमियान बाल नहीं कटवाने चाहिए.
  • साधना में शुद्ध गाय के घी का दीपक जलाये.
  • साधना पूरी करके जमीन पे ही सो जाये जहा आप साधना करते हो
  • माता मेलडी को गूगल का धुप करे
  • साधना के आखरी दिन ३ कन्या को भोजन कराये.

इस तरह साधक हडकाई मेलडी महामंत्र साधना  को सम्पूर्ण कर सकता हे और इसकी सिद्धि मिल जाने के बाद कोई भी तंत्र क्रिया कर सकता हे,बस ध्यान ये रखना हे की माता मेलडी को कही भी गलत इस्तेमाल ना करे वरना मेलडी खुद पलटवार करके साधक का बुरा करती हे,अगर किसीका भला करोगे तो आपका भला होगा और इस दुनिया में आपका कोई बुरा नहीं कर पायेगा माता मेलडी हमेशा साधक के साथ रहती हे.

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