आज हम इस आर्टिकल में Mohini tantra के बारे में बात करेंगे,मोहिनी साधना और वशीकरण में बहुत फरक हे वशीकरण क्रिया करने के लिए अनुष्ठान करना पड़ता हे और विधिवत साधना करनी पड़ती हे।
वशीकरण के प्रयोग से सामने वाला व्यक्ति यानि की लड़का हो या लड़की वो वशीभूत हो जाता हे और मोहिनी विद्या आकर्षण का काम करती हे,भगवान् श्री कृष्ण के पास मोहिनी शक्ति थी मोहिनी के प्रयोग से सामने वाला यानि की जिस पर प्रयोग किया गया हे वो व्यक्ति आकर्षित होता हे साधक की तरफ।
मोहिनी कई प्रकार की होती हे जेसे विस्व मोहिनी साधना, गणेश मोहिनी जाल, महामोहिनी साधना कृष्ण मोहिनी और शाबर मोहिनी जाल ये सब मोहिनी साधना सबको मोहित करने में समर्थ हे हम इस आर्टिकल में शाबर मोहिनी साधना के बारे में जानेंगे ये स्त्री मोहिनी मंत्र बहुत ही शक्तिशाली हे इसका उपयोग अगर विधिवत करोगे तो ये रामबाण इलाज हे।
मंत्र:-
नैन की कामठी नजर का तीर, चलो चलो मारा पाचआखरिया वीर।
राजा प्रजा लागे पाय, जापो जगावू त्रण भवन डोलावू।
अमारा घार्या ना करो तो बावा बालीनाथ नी दुहाई फरे।
अेथी जो अमारा घायॉ ना करो तो शिव शंकर नी आज्ञा फरे।
गिरनारी बावा नी दुहाई फरे चलो फलो मंत्र ईश्वर की वाचा!
सामग्री:-
गूगल-लोबान का धुप,काले हकीक की माला , तलवड़ के लड्डू 11, गुलाब का इत्र ,काला आसन।
विधी:-
रविवार से साधना प्रारम्भ होगी, साधना स्मशान में होगी, स्नानादिक, स्वच्छ होके रात के 12 बजे स्मशान में जाना हे,उत्तर दिशा की तरफ मुख करके बेठ जाना हे, आसन ग्रहण करने के बाद पेहले आपको अपने कुलदेव की एक माला करनी हे फिर गणेशजी की एक माला करे,साधना के समय गूगल लोबान की धुनी जलती रेहनी चाहिए ,तलवड़ के लड्डू का प्रसाद चढाना हे।
उपर्युक्त स्त्री मोहिनी मंत्र की 21 माला और मंत्र जाप पुरे होते ही आप जिसे वश में करना चाहते हो उसका चेहरा मन में रखकर एक माला करनी हे, ऐसा आपको तीन दिन तक करना हे विधी एक ही रहेगी प्रसाद और इत्र आपको स्मशान में ही रख के आ जाना हे घर आते समय पीछे मुड के नहीं देखना हे, साधना पूरी होने के बाद 41 दिन के अंदर वो लड़का/लड़की आपके वशमे हो जाएगी।
उपर्युक्त विधि से पता चल गया होगा की mohini tantra क्या हे आप इस मोहिनी विद्या का उपयोग अपनी पत्नी,प्रेमिका या कोर्ट कचेरी के काम में भी कर सकते हो अगर घर का सदस्य कोई रूठ के भाग गया हे तो उसको मनाने के लिए भी इसका प्रयोग कर सकते हो।
(इस साधना को गुरु की देखरेख में करेंगे तो अच्छा रहेगा और ख़राब, अनैतिक काम में इसका उपयोग ना करे,कोई भी तांत्रिक साधना हो या वीर की साधना हो उस साधना में गुरु का होना अनिवार्य हे क्योकि ये मंत्र वीर का हे और बहुत ही खतरनाक हे इसलिए गुरु के सानिध्य में इस mohini tantra साधना को संपन्न कर सकते हे बिना गुरु के ना करे क्योकि इस साधना के दरमियाँन खतरनाक शक्ति भी जाग्रत होती हे और साधना को खंडित करने की भी कोशिश करती हे)
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