इस मंत्र का उपयोग सिर्फ लड़की और स्त्री ही कर सकती हे पुरुष के लिए ये मंत्र नहीं हे,जिसका पति अपनी बीवी का कहना नहीं मानता हे ठीक से प्यार नहीं करता हे और घर में जगडे करता रहता हे तो उस समय में स्त्री इस मंत्र की सिद्धि और उसके प्रयोग से अपने पति को वश में कर सकती हे,
कोई लड़की किसी लड़के को चाहती हे और उसको अपनी तरफ आकर्षित करना चाहती हे तो उस समय में भी इस मंत्र का उपयोग हो सकता हे,
तो चलिए विस्तार से जानते हे इस मंत्र के बारे में इसको कैसे सिद्ध किया जाता हे और इसका कैसे प्रयोग किया जाता हे इस मंत्र के प्रयोग से साधिका अपने पति को वश में कर सकती हे.
मंत्र
या भुज ते महिषासुर मारि
और शुम्भ-निशुम्भ दोऊ दल थम्बा
आरत हेतु पुकारत हौं
जाइ कहां बैठी जगदम्बा
खड्ग टूटो कि खप्पर फूटो कि
सिंह थको तुमरो जगदम्बा
आज तोहे माता भक्त शपथ
बिनु शांति दिए जानि सोवहु अम्बा।
मंत्र को सिद्ध करने का विधान
इस मंत्र को सिद्ध करने के लिए ११ दिन की साधना करनी पड़ेगी,सुबह और शाम एक एक माला करनी पड़ेगी,काले वस्त्र धारण करके तूलसी की माला से उपर्युक्त मंत्र का जाप शुरू करे,इस मंत्र को सिद्ध करने के लिए आपको पहले एक माला ॐ नमः शिवाय: मंत्र की एक माला करनी पड़ेगी फिर आप उपर्युक्त मंत्र का जाप शुरू कर सकते हो,
११ दिन सात्विक भोजन करे और पूर्ण रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करे,जब मंत्रजाप पुरे हो जाये तब एक रोटी पर घी लगाके उस रोटी को गाय को खिला दे,इस तरह ११ दिन तक साधना करने से आपकी साधना सफल हो जाएगी यानि की सिद्ध हो जाएगी.
प्रयोग
जब आप किसी पुरुष को या किसी लड़के को या अपने पति को वश में करना चाहते हो तो किसी मिठाई पर उपर्युक्त मंत्र १०८ बार बोलके उसे अभिमंत्रित करके इच्छित पुरुष या लड़के को खिला देने से वो व्यक्ति आपके पीछे दौड़ा-दौड़ा आएगा और आपके प्यार में गिरफ्तार हो जायेगा.
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