सर्व विधा यक्षिणी साधना

सर्व विधा यक्षिणी साधना से साधक बुद्धिमान, होशियार और तेजस्वी बन सकता हे,सब विधा में माहिर हो जाता हे,चौदह विधा में पारंगत हो जाता हे,कोई पढाई करता हे और उसका मन पढाई में नहीं लगता हे तो भी उसके लिए ये साधना रामबाण इलाज हे,अगर किसीकी याददस्त कम हे तो उसको सुबह उठकर इस मंत्र की हररोज एक माला करनी चाहिए,हररोज माला करने से उसकी याद-दास्त बढ़ने लगती हे,

सर्व विधा यक्षिणी साधना कैसे करते हे उसको कैसे सिद्ध किया जाता हे उसके पुरे विधि विधान के बारे में हम इस पोस्ट में चर्चा करेंगे,

सर्व विधा यक्षिणी साधना

मंत्र-

ॐ ह्रीं श्रीं शारदायै नमः।”

साधन विधि-

ये साधना कोई बड़ी तांत्रिक या बड़ी तामसिक साधना नहीं हे,इसको हम सात्विक साधना कह सकते हे,यक्षिणी बहुत प्रकार की होती हे और उसके भोग और काम भी अलग अलग हे,सब यक्षिणी की एक विशेष खासियत होती हे और उसकी काम करने की मर्यादा भी होती हे,इस तरह इस यक्षिणी की साधना से आप १४ विधा में पारंगत बन सकते हे क्योकि इसकी साधना से आपको सर्व विधा हासिल होगी और अगर आप इस यक्षिणी को दुसरे काम के लिए बोलोगे तो वो नहीं कर सकती,

औदुम्बर के वृक्ष पर बैठकर उक्त मंत्र का  एकाग्र- मन से १०००० जप करने से सर्व विधा यक्षिणी साधक पर प्रसन्न  होकर, उसे सभी चौदह विद्यानों की सिद्धि प्रदान करती है।

एक ही बैठक में आपको १०००० जाप करने पड़ेंगे आपकी साधना पूरी होते ही यक्षिणी आपको इच्छित वर देती हे,एक बार सिद्धि मिल जाने के बाद दुनिया की कोई ऐसी चीज नहीं हे जिसको आप ना समज सको,आप सब विधा में पारंगत हो जाओगे,

इस तरह साधक सर्व विधा यक्षिणी साधना करके १४ विधा में पारंगत हो सकता हे और आपको उपर्युक्त मंत्र का हररोज २१ बार जाप शुरू ही रखना हे आप पूजा के टाइम में या किसी फुर्सत के टाइम में ये जाप कर सकते हो.

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4 COMMENTS

  1. अगर ये साधनाये करनी है तो इसके लिये कबसे मेरा मतलब कौनसा महुरत से चालू करना है इस विषय मे विस्तारपूर्वक बताने कि क्रिपा करे

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